श्री शिवयोगी सिद्धारामेश्वर महाराज का इतिहास – गड्डा यात्रा सोलापूर

1
832
Shri Siddeshwar Maharaj Histroy Solapur

 

श्री शिवयोगी सिद्धारामेश्वर महाराज का यह मंदिर महाराष्ट्र राज्य के सोलापूर जिले मै स्थित है| यह मंदिर सोलापूर के रेलवे स्टेशन से मात्र २.५ किमी की दुरी पर है| आईए जानते है इस पवित्र मंदिर के बारे मै –

श्रीशैलम के श्री मल्लिकार्जुन के प्रतापी भक्त, श्री शिवयोगी सिद्धारामेश्वर महाराज ने सिद्धेश्वर मंदिर का निर्माण किया। श्री सिद्धारामेश्वर को उनके गुरु ने सोलापुर लौटने और कई शिव लिंगों की  स्थापना का आदेश दिया था, जब वे श्रीशैलम के रास्ते में थे, तो उन्होंने अपने गुरु के आदेश का पालन किया और सोलापुर में इस मंदिर का जीर्णोद्वार कराया। श्री सिद्धारामेश्वर ने कुल में 68 शिव लिंगदान स्थापित किए थे, उनको लिंगायत धर्म के छह आचार्य में से एक माना जाता है,  जो कि श्री सिद्धेश्वर, इस धर्म का एक बड़ा योगदानकर्ता था। सोलापुर के लोग मानते हैं कि इस संत के जन्म से शहर की समृद्धि हुई और देवता भक्तों को आशीर्वाद देने में सक्षम हैं।

श्री सिध्देश्वर मंदिर भगवान सिद्धारामेश्वर को समर्पित है, जो अन्य रूप में भगवान शिव और भगवान विष्णु के रूप में हैं इसलिए, इस  मंदिर में मूर्ति भगवान विष्णु और भगवान शिव के पवित्र अवतार का प्रतीक है जो सिद्देश्वर के नाम से चली आ रही है। श्री सिद्धारामेश्वर ने स्वयं श्री सिध्देश्वर मंदिर में जीव समाधि प्राप्त की और उनके इस मंदिर और समाधि को देकने के लिए देश के विभिन्न-२  भागोंसे से लोग आते है| संत नलवतवाद को समर्पित यह मंदिर बहुत ही सुंदर व रमणीय बगीचे के बीच स्थित हैं, यहां एक चांदी की मढ़वाली नंदी प्रतिमा भी है। विठोबा और गोददे रूक्मिणी मंदिर और अन्य देवताओं के मंदिर भी इस विशाल मंदिर परिसर में स्थित हैं। मंदिर के अंदर कई अति सुंदर नक्काशीयां हैं जो श्रध्यालू को मंत्रमुग्ध कर देती है।

सोलापुर में वार्षिक गड्डा यात्रा, पिछले 900 वर्षों से मनाया जाता है | 15 दिवसीय सांस्कृतिक मेला शाकंभरी पूर्णिमा पर शुरू होता है|

यात्रा मै सात अलग-अलग नंदीध्वज वाले सात प्रमुख समुदायों के साथ लम्बी छड़ोंके साथ श्रद्धालु चलते है, जिसमें सभी के लिए उत्सव शामिल हैं।

यात्रा के दोरान श्रद्धालु क्रम से इन धार्मिक विधियो से अपनी यात्रा को पवित्र बनाते है|

  • तेलाअभिषेक
  • अक्षता समारंभ
  • होम प्रतिप्रधन
  • किक्रांत (आतिशबाजी)
  • कप्पड़कल्ली

 

Facebook Comments

To get more updates from Snazzypost, LIKE our Facebook page

680FansLike